अबनाः ईरान की थल सेना के प्रमुख ने सेना दिवस के अवसर पर कहा है कि सेना सश्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर और इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता द्वारा सुझाए गए मार्ग पर अग्रसर है।
जनरल अहमद रज़ा पूरदस्तान ने गुरुवार को 29 फ़रवरदीन बराबर 18 अप्रैल को मनाए जाने वाले सेना दिवस के अवसर पर ईरान की इस्लामी क्रांति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी के मज़ार पर आयोजित समारोह में कहा कि ईरान पर थोपे गए युद्ध के दौरान सेना ने 48 हज़ार शहीद दिए और 1 लाख 26 हज़ार सैनिक देश की रक्षा करते हुए घायल हुए जिससे सेना ने अपनी वफ़ादारी को साबित किया है।
पूरदस्तान का कहना था कि आज युद्ध और ख़तरों का रूप बदल गया है और विश्व साम्राज्य 11 सितम्बर की घटना के बाद इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई के बहाने इलाक़े में घुस गया है। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अपनी दूरदर्शिता से शत्रुओं के लक्ष्यों का उल्लेख किया है और सेना, शत्रु की चालों पर गहरी नज़र रखे हुए है।
उन्होंने कहा कि हालिया वर्षों में अमरीका कमज़ोर पड़ गया है और उसकी सैन्य शक्ति भी कमज़ोर हो रही है और यही कारण है कि वह तकफ़ीरियों, आईएसआईएल और ज़ायोनी शासन द्वारा एक ओर और दूसरी ओर यमन में मुसलमानों को कुचलने के लिए सऊदी अरब को हथियार देकर इलाक़े में ईरान को कमज़ोर करना चाहता है, लेकिन जान की बाज़ी लगा देने वाले ईरानी राष्ट्र के सामने वह अपना कोई भी लक्ष्य नहीं साध पाएगा।
सेना दिवस के अवसर पर थल सेना प्रमुख ने कई रक्षा उपकरणों का अनावरण किया जिसमें रोबोट रोबोट एेंटी एयरक्राफ़्ट तोप भी शामिल है।
16 अप्रैल 2015 - 19:22
समाचार कोड: 684265
ईरान की थल सेना के प्रमुख ने सेना दिवस के अवसर पर कहा है कि सेना सश्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर और इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता द्वारा सुझाए गए मार्ग पर अग्रसर है।